Gam Shayari दोस्तों आज हम आपको यह स्पेशल Gam Shayari पढ़ाने जा रहे जो आपको बहुत अधिक पसंद आएगी क्योंकि आज के समय मे गम का असली मतलब लालच है क्योंकि जब कोई भी व्यक्ति किसी चीज को पाने के लिए बहुत प्रयास करता लेकिन उसे वह चीज किसी न किसी वजह से मिल नहीं पति तब वह व्यक्ति गम मे अ जाता है।

इस लिए आज हम आपको यह स्पेशल Gam Shayari पढ़ाने जा रहे जो आपको बहुत अधिक पसंद आएगी क्योंकि आपके जीवन मे गम होना एक तरह से बीमारी का होना है क्योंकि गम से आप हमेशा नाराज रहोगे और इसी वजह से आप की सेहत भी खराब होगी।

आज हम आपको यह Gam Shayari पढ़ाने जा रहे जिससे पढ़ने से आपका गम कुछ हद तक कम हो जाएगा साथ मे आप अपने सेहत को भी इसी बहाने सही रख सकोगे तो आइए मिल कर पढे इन सब Gam Bhari Shayari को और इन गम भरी शायरी को पढ़ने के साथ – साथ आप अपने इन दोस्तों का भी गम कम कर सकते हो जो इन Gam Shayari को पढ़ाने के बाद अपनी सेहत को अच्छा रख सकेंगे।

इस लिए आइए अब हम आपको यह Hindi Shayari Gam Bhari पढ़ाने जा रहे जो आपको काफी ज्यादा पसंद आएगी साथ मे आप इन गम शायरी को शेयर भी कर सकते है।

 

Gam Bhari Shayari Hindi Mai

अब आइए सुरू करे पढ़ना इन सभी Gam Bhari Shayari Hindi Mai को और अगर आपको यह Gam Shayari पसंद आए तो अपने दोस्तों मे शेयर जरूर करना और उनका भी इन हिन्दी शायरी गम भरी से गम दूर करना।

 

 

गुजर जायेगा ये वक़्त भी,

ज़रा सबर तो कर,

जब खुशिया ना ठहरी तो,

गम की क्या औकात है.,

 

मजबूर ना करेंगे तुझे,

वादे निभाने के लिए,

तू एक बार वापस आ,

अपनी यादें ले जाने के लिए.,

 

बहुत रोएगी जिस दिन उसे,

मेरी याद आएगी,

बोलेगी एक पागल था जो सिर्फ,

मेरे लिए पागल था.,

 

लिबाज़ देख के हमें इतना करीब न जान,

हमारे गम तेरी जायदाद से ज्यादा है.,

 

मेरी गहरी ख़ामोशी में,

सन्नाटा भी है शायर भी है,

तूने ठीक से देखा ही नहीं,

इन आँखों में कुछ और भी है.,

 

gam shayari

 

जब तेरे दर्द में दिल दुखता था,

हम तेरे हक़ में दुआ करते थे.,

 

गिराया जिसे अपनों ने वो उठकर फिर क्या करता,
परायों से जो लड़ा नहीं वो अपनों से क्या लड़ता.,

 

तेरी बातों का असर जो छाया है मेरे दिल पर,
यक़ीनन मुझे तड़पाएगा अब ये रात भर,
सोचा भूल जाऊंगा तुझे अब करूँगा ना याद,
मगर दर्द ही मिला मुझे, तुझे भूल कर.,

 

क्या प्यार में सोचा था, क्या प्यार में पाया हैं,
तुझको मिलाने की चाहत में, खुद को मिटाया हैं,
इस पर भी कोई इलज़ाम, ना तुझ पर लगाया हैं,
मेरी ही ख्वाईशो ने, आज मुझे अर्थी पर सुलाया हैं.,

 

यह ग़ज़लों की दुनिया भी अजीब है,
यहाँ आँसुओं का भी जाम बनाया जाता है,
कह भी देते हैं अगर दर्द-ए-दिल की दास्तान,
फिर भी वाह-वाह ही पुकारा जाता है.,

 

Flirting Shayari

 

कसम से सब्र की इन्तहा हो चली हैं,
दर्द-ए-दिल कहना हैं अब मुश्किल,
और येह आँखें वीरान हो चली हैं.,

 

ज़िन्दगी के उलझे सवालो के जवाब ढूंढता हु,
कर सके जो दर्द कम, वोह नशा ढूंढता हु,
वक़्त से मजबूर, हालात से लाचार हु मैं,
जो देदे जीने का बहाना ऐसी राह ढूंढता हु.,

 

आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते हो,
जब भी मन में आये क्यों रुला देते हो,
निगाहें बेरुखी हैं और तीखे हैं लफ्ज़,
ये कैसी मोहब्बत हैं जो तुम मुझसे करते हो.,

 

ज़हर को दूध समझ कर कैसे पिया जाये,
दिल हो अगर ज़ख़्मी तो उसे कैसे सिया जाये.,

 

मेरी दिल की दर्द सुनकर उसकी आँख भर आयी,
मेरी दर्द-ऐ-दास्ताँ सुनके कुछ कह ना पायी,
हम इतना दर्द सहकर कुछ ना बोले,
वो है की अपने आंसू को रोक ना पायी.,

 

gam shayari

 

ज़िंदगी एक चाहत का सिलसिला है,
कोई मिल गया कोई बिछड़ गया,
जिसे माँगा था हमने अपनी दुआओं में,
वो किसी और को बिना मांगे मिल गया.,

 

मेरे दिल के दर्द को किसने देखा है,
मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है,
हम तन्हाई में बैठे रोते हैं,
लोगों ने हमें महफ़िल में हँसते देखा है.,

 

ज़िंदगी से हमे कोई शिकायत नहीं,
जी तो रहे हैं पर ख़ुशी से नहीं,
हर शख्श ने दुःख भी बहुत दिये,
पर हम किसी से नाराज भी नहीं.,

 

दर्द सहकर भी दिल उन्हें प्यार करता है,
जुदा होकर भी उन्हें ही याद करता है,
दिये है इश्क़ में इतने दर्द ऐ गम,
फिर भी उन्ही की खुशियों की फरियाद करता है.,

 

अपनी बेबसी पर आज फिर मुझे रोना आया,
दुसरो को नहीं मैंने तो अपनों को आजमाया,
मैंने हर एक दोस्त की तन्हाई दूर की,
फिर भी खुद को हर मोड़ पर तनहा ही पाया.,

 

Desh Bhakti Shayari

 

ना पूछ कैसे पलों से गुजर रहा हूँ मैं,
इसे जीना ना समझ मर रहा हूँ मैं,
तेरी जुदाई सताती है लौटकर आजा,
बहुत कमीं तेरी महसूस कर रहा हूँ मैं.,

 

मुझको रुलाकर वो भी रोया तो होगा,
मुँह आंसुओ से उसने भी धोया तो होगा,
अगर ना किया है हासिल कुछ हमने प्यार में,
कुछ ना कुछ उसने भी खोया तो होगा.,

 

खुशियों से नाराज़ है मेरी ज़िंदगी,
प्यार की मोहताज़ है मेरी ज़िंदगी,
हंस लेता हूँ लोगों को दिखाने के लिए,
वरना दर्द की किताब है मेरी ज़िंदगी.,

 

माना के किस्मत पे मेरा कोई जोर नहीं,
पर ये सच है के मोहब्बत मेरी कमजोरी नहीं,
उसके दिल में, यादों में कोई और है लेकिन,
मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई नहीं.,

 

ज़िंदा हूँ मगर ज़िंदगी से दूर हूँ,
मैं आज क्यूँ इस कदर मजबूर हूँ,
बिना जुर्म के ही सज़ा मिलती है मुझे,
किससे कहूं के आखिर बे कसूर हूँ मैं.,

 

gam shayari

 

हमसे खेलती रही दुनिया ताश की पत्तो की तरह,
जो जीता उसने भी फेंका जो हारा उसने भी फेंका.,

 

दिल की धड़कनों को एक लम्हा सबर नहीं,
शायद के उसको मेरी जरा भी कदर नहीं,
हर सफर में मेरा कभी हमसफ़र था वो,
अब सफर तो है मगर वो हमसफ़र नहीं.,

 

वो मिल जाते हैं कहानी बनकर,
दिल में बस जाते हैं निशानी बनकर,
जिन्हे हम रखते हैं अपनी आँखों में,
क्यू निकल जाते हैं वो पानी बनकर.,

 

काश ये ज़ालिम जुदाई ना होती,
रब तूने ये चीज़ बनाई ना होती,
ना हम उनसे मिलते ना ये प्यार होता,
ज़िंदगी जो अपनी थी परायी ना होती.,

 

आंसू एक अजीब कहानी है,
ख़ुशी और गम दोनों की निशानी है,
समझने वालों के लिए अनमोल है,
और ना समझने वालो के लिये पानी है.,

 

Gam Bhari Shayari

दोस्तों अब आइए आपको हम यह स्पेशल Gum Bhari Shayari पढ़ाने जा रहे जो आपको और भी ज्यादा पसंद आएगी क्योंकि इन सभी Gum Shayari Hindi को हम बड़ी ही खोज बिन के साथ खोजते है फिर इन्हे आपके पढ़ाने के लिए लेकर आते है।

 

बड़ी कोशिश के बाद उसे भुला दिया,
उसकी यादों को सीने से मिटा दिया,
एक दिन फिर उसका पैगाम आया,
लिखा था मुझे भूल जाओ,
और मुझे हर लम्हा याद दिला दिया.,

 

कितना दर्दनाक था वो मंजर जब हम बिछड़े थे,
उसने कहा था की जीना भी है और रोना भी नहीं.,

 

किसी दर्द को संभाल पाना आसान नहीं,
हँसते हुए हर पल बिता पाना आसान नहीं,
ज़िंदगी में हर कोई दिल में नहीं बस पाता,
और उस एक बसे हुए को भूल पाना आसान नहीं.,

 

हँसते हँसते कितने लोगों को हंसा दिया,
हँसते हँसते कितने ही ग़मों को छिपा लिया,
हंस कर गया कोई हमारे पर इस तरह,
की हमने ज़िंदगी भर हंसना भुला दिया.,

 

दर्द को भी दर्द होने लगा,
खुद ही मेरे घाव धोने लगा,
दर्द के लिये मैं ना रोया,
लेकिन दर्द मुझे छू कर खुद रोने लगा.,

 

gam shayari

 

कैसे बयां करूँ अल्फ़ाज़ नहीं है,
दर्द का मेरे तुझे एहसास नहीं है,
पूछते हो मुझसे क्या दर्द है मुझे,
दर्द यह है की तू मेरे पास नहीं है.,

 

तेरे बिना कितनी अकेली है ज़िंदगी,
उलझी हुई सी एक पहेली है ज़िंदगी,
बड़ी ही शिद्द्त से बनाई हुई,
तेरी यादों की हवेली है ज़िंदगी.,

 

उनके साथ चंद महीनों का अनुभव, मेरे कई सालों पर भारी पड़ गया.,

 

जब किसी से प्यार हद से,
ज्यादा होने लगे तो वो,
प्यार खुशियों की जगह,
गम देने लगता है.,

 

गम की बारिश ने भी,
तेरे नक्स को धोया नहीं,
तू ने मुझ को खो दिया,
मैंने तुझे खोया नहीं.,

 

Gam Bhari Shayari

 

तेरे गम को अपनी रूह में उतार लूँ,
ज़िन्दगी तेरी चाहत में सवार लूँ,
मुलाकात हो तुझ से कुछ इस तरह,
तमाम उम्र बस एक मुलाकात में गुजार लूँ.,

 

हजारो गम है सीने मे,
मगर शिकवा करें किससे,
इधर दिल है तो अपना है,
उधर तुम हो तो अपने हो.,

 

दर्द है दिल में पर इसका एहेसास नही होता,
रोता है दिल जब वो पास नही होता,
बर्बाद हो गये हम उसके प्यार मे,
ओर वो कहते हैं इस तरह प्यार नही होता.,

 

रिश्ते किसी से कुछ यूं निभा लो,
की उसके दिल के सारे गम चुरा लो.,

 

gam shayari

 

सच्चा प्यार था संभलने मे कुछ वक़्त,
तो जरुर लगेगा साहब,
हर चीज प्यार तो नहीं,
की एक पल में हो जाए.,

 

चाहे कोई जैसा भी हसफ़र हो सदियों से,
रास्ता बदलने में देर कितनी लगती है,
ये तो वक़्त के बस में है, की कितनी मोहलत दे,
वरना वक़्त ढलने में देर कितनी लगती है.,

 

ये सच्चाई है कि इश्क से लोग डरते हैं,
क्योकि प्यार में दिल तड़प कर रह जाता है,
आसू तो हम छुपछुप कर बहा लेते हैं ,
पर दर्द ए दिल हर किसी को पता चल जाता हैं.,

 

एक बात समझाई है.जिंदगी में मुझे,
कभी कभी जिंदगी के तलाश में,
सामना मौत से भी हो जाता हैं.,

 

मैं समझ जाता मोहब्बत,
अगर हमे वो मिल जाती,
पर अच्छा हुआ नहीं मिली,
अगर मिल जाती तो,
ये शायरी न बन पाती.,

 

आपके न होने से, ज़िन्दगी उदास है,
पर इस दिल को तो अब भी मिलने की आस हैं,
घाव नहीं हैं पर जख्म का एहसास हैं,
कभी कभी तो महसूस होता हैं,
मेरा दिल अब भी आपके पास है.,

 

बेताब हम भी थे दर्द जुदाई की कसम,
रोता वो भी होगा नज़रें चुरा चुरा कर.,

 

गहरी रात भी थी हम डर भी सकते थे,
हम जो कहे ना सके वो कर भी सकते थे,
तुम ने साथ छोड़ दिया हमारा ये भी ना सोचा,
हम पागल थे तेरे लिए मर भी सकते थे.,

 

जो नजर से गुजर जाया करते हैं,
वो सितारे अक्सर टूट जाया करते हैं,
कुछ लोग दर्द को बयां नहीं होने देते,
बस चुपचाप बिखर जाया करते हैं.,

 

माना कि तुझको मै हासिल ना कर सका,
मोहब्बत थी तुझसे बयां ना कर सका,
लेकिन किसी को पा लेना ही मोहब्बत नहीं होता,
चाहे मै तेरे काबिल ना रहे सका.,

 

gam shayari

 

वक़्त निकाल कर कभी कभी मिलने आ जाया करो,
क्यूंकि लोग कहते है सुकून के पल जीना भी ज़रूरी है.,

 

शुक्रिया तेरा मुझे मेरी औकात बताने के लिए,
प्यार को खेल और मुझे मजाक बनाने के लिए.,

 

उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है,
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है.,
दिल टूटकर बिखरता है इस कदर,
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है.,

 

मज़बूरी में जब कोई जुदा होता है,
ज़रूरी नहीं कि वो बेवफ़ा होता है,
देकर वो आपकी आँखों में आँसू,
अकेले में वो आपसे ज्यादा रोता है.,

 

कोई बात किसी की भी अब बूरी नहीं लगती,
तेरी दूरी भी अब तो मुझे दूरी नहीं लगती,
हूं मसरूफ समेटने में ज़िन्दगी को इस तरह,
तेरी मौजूदगी भी इसमें अब जरूरी नहीं लगती.,

 

Gam Ki Shayari Hindi

दोस्तों इन सभी Gam Ki Shayari Hindi को पढ़ाने के लिए आप हमारे इस पोस्ट पर आए इसके लिए आपका धन्यवाद और इसी के साथ हमारा यह कर्तव्य भी बंता की हम आपको एक से बढ़ कर एक स्पेशल Gam Shayari पढ़ाए तो आइए सुरू करे पढ़ना।

 

 

किसी के दिल में क्या है ये किसी को पता नहीं होता,

अपना कहने वाला सच में अपना है ये पता नहीं होता,

जब किसी का मासूम दिल मासूम मोहब्बत करता है,

तो उस प्यार में छिपे दर्द का पता उसे नहीं होता.,

 

नाराज़ क्यों हूँ तुमसे मैं तुमने ये भी नहीं जाना,

ज़िंदा भी हूँ मैं या नहीं तुमने ये भी नहीं जाना,

विश्वास उठ गया मुझसे या चाहत कोई और बन गया है,

दूर क्यों हूँ तुमसे तुमने दूरी का फ़र्क़ भी नहीं जाना.,

 

प्यार के बदले नफरत मिलेगा मुझे मालूम न था,

ख़ुशी देने के बदले गम मिलेगा मुझे मालूम न था,

मैंने जब उसे दिल दिया उस पर विश्वास करके,

तो मेरे दिल का खून होगा मुझे मालूम न था.,

 

दिल में आग सी है चेहरा गुलाब जैसा है,
कि ज़हर-ए-ग़म का नशा भी शराब जैसा है,
इसे कभी कोई देखे कोई पढ़े तो सही,
दिल आइना है तो चेहरा किताब जैसा है.,

 

हमें गम रहा, जब तक दम में दम रहा,
दिल के जाने और टूट जाने का गम रहा,
लिखी थी जिस कागज पर हक़ीक़त दिल की,
एक मुद्दत तक वो कागज़ भी नम रहा.,

 

 

कौन अंदाजा मेरे गम का लगा सकता है,
कौन सही राह दिखा सकता है,
किनारों वालों तुम उसका दर्द क्या जानो,
डूबने वाला ही गहराई बता सकता है।

 

ज़िन्दगी हैं नादान इसलिए चुप हूँ,
दर्द ही दर्द सुबह शाम इसलिए चुप हूँ.
कह दू ज़माने से दास्तान अपनी,
उसमे आएगा तेरा नाम इसलिए चुप हूँ.,

 

मोहब्बत के भी कुछ अंदाज़ होते हैं,
जगती आँखों के भी कुछ ख्वाब होते हैं,
जरुरी नहीं के ग़म में आँसू ही निकले,
मुस्कुराती आँखों में भी शैलाब होते हैं.,

 

वो बात क्या करें जिसकी कोई खबर ना हो,
वो दुआ क्या करें जिसका कोई असर ना हो,
कैसे कह दे कि लग जाय हमारी उमर आपको,
क्या पता अगले पल हमारी उमर ना हो.,

 

मेरी हर शायरी मेरे दर्द को करेगी बंया ए गम,
तुम्हारी आँख ना भर जाएँ, कहीं पढ़ते पढ़ते.,

 

इस मोहब्बत की किताब के,
बस दो ही सबक याद हुए,
कुछ तुम जैसे आबाद हुए,
कुछ हम जैसे बरबाद हुए.,

 

दिन हुआ है, तो रात भी होगी,
मत हो उदास, उससे कभी बात भी होगी,
वो प्यार है ही इतना प्यारा,
ज़िंदगी रही तो मुलाकात भी होगी.,

 

तेरी चाहत में हम ज़माना भूल गये,
किसी और को हम अपनाना भूल गये,
तुम से मोहब्बत हैं बताया सारे जहाँ को,
बस एक तुझे ही बताना भूल गये.,

 

वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई,
न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई,
अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ,
कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई.,

 

महफ़िल में हँसना हमारा मिजाज बन गया,
तन्हाई में रोना एक राज बन गया,
दिल के दर्द को चेहरे से जाहिर न होने दिया,
बस यही जिंदगी जीने का अंदाज बन गया.,

 

 

लोग कहते है हम मुश्कुराते बहुत है,
और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते.,

 

हजार गम मेरी फितरत नही बदल सकते,
क्या करू मुझे आदत है मुश्कुराने की.,

 

लूट लेते है अपने ही वरना गैरो को क्या पता,
इस दिल की दीवार कमज़ोर कहाँ है.,

 

देखकर तुमको अक्सर हमें ये एहसास होता है,
कभी कभी ग़म देने वाला भी कितना ख़ास होता है.,

 

तेरी दुनिया में जीने से तो बेहतर हैं कि मर जायें,
वही आँसू, वही आहें, वही ग़म है जिधर जायें,
कोई तो ऐसा घर होता जहाँ से प्यार मिल जाता,
वही बेगाने चेहरे हैं कहाँ जायें किधर जायें.,

 

यकीन न आये तो एक बार पूछ कर देखो,
जो हँस रहा है वो ग़मों से चूर निकलेगा.,

 

ऐसा नहीं के तेरे बाद अहल-ए-करम नहीं मिले,
तुझ सा नहीं मिला कोई, लोग तो कम नहीं मिले,
एक तेरी जुदाई के दर्द की बात और है,
जिनको न सह सके ये दिल, ऐसे तो ग़म नहीं मिले.,

 

वो तेरा ग़म था कि तासीर मेरे लहजे की,
कि जिसको हाल सुनाते थे रुला देते थे.,

 

ये जो गहरे सन्नाटे हैं वक्त ने सबको ही बाँटें हैं,
थोड़ा ग़म है सबका किस्सा थोड़ी धूप है सबका हिस्सा.,

 

किसी ने जैसे कसम खाई हो सताने की,
हमीं पे खत्म हैं सब गर्दिशें जमाने की,
सुकून तो खैर हमें नसीब क्या होगा,
कहो अभी भी हिम्मत है ग़म उठाने की.,

 

ना मिलता ग़म तो बर्बादी के अफसाने कहाँ जाते,
चमन होती अगर दुनिया तो वीराने कहाँ जाते,
चलो अच्छा हुआ अपनों में कोई गैर तो निकला,
सभी होते अगर अपने तो बेगाने कहाँ जाते.,

 

कौन रोता है किसी और की खातिर ऐ दोस्त,
सबको अपनी ही किसी बात पे रोना आया.,

 

Conclusion

यही सभी Gam Shayari आप सभी को काफी पसंद आई होंगी अगर नहीं तो आप हमे कमेन्ट मे बताए हम अपने अगले पोस्ट व  Hindi Shayari मे कुछ अच्छा सुधार करेंगे।

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