Husn Shayari – दोस्तों कभी आप किसी का हुस्न देख कर फिदा हुए हो क्योंकि बहुत से ऐसे लोग आपको मिलेंगे को किसी लड़की का हुस्न देख कर उसके दीवाने हो जाते और फिर वही लड़की आपके सपनों मे आपके चारों तरफ घूमने लगती क्योंकि वो लड़की आपको तब अपनी लगने लगती और उस समय आप केवल यही सोचते की कैसे हम उस लड़की तक पहुचे और उससे अपने प्यार की बाट करे तो आइए आपके इस सपने को पूरा करने मे मदद करेगा हमारा यह Husn Shayari जोकी आपको सपने वाली लड़की को बहुत पसंद आएगा अगर आप उसे भेजेंगे।

क्योंकि आप उस तक कुछ न कुछ करके पहुच तो जाएंगे ही लेकिन उससे बात नहीं कर पाएंगे तो बात करने मे मदद करेगा हमारा यह Husn Shayari जो की आपके दिल की बात हो अपने सपने वाली लड़की तक पहुचाएगा जिसके बाद आप आराम से उससे बाट कर सकोगे और उसको रोजाना इस Husn Shayari Hindi की मदद से उस पल की याद दिलाओगे जब अपने उसको देखा था।

 

Husn Shayari in Hindi

अब आइए आपको हम यह Husn Shayari in Hindi पढ़ाने जा रहे जो आपको काफी ज्यादा पसंद आएगी और अगर आप इसे अपने सपने वाली लड़की को भेज देंगे तो उसको यह Husn Shayari और भी ज्यादा पसंद आएगी।

 

ऐसा ना हो तुझको भी दीवाना बना डाले,
तन्हाई में खुद अपनी तस्वीर न देखा कर.,

 

इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा,
लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं.,

 

हुस्न इक दिलरुबा हुकूमत है,
इश्क़ इक क़ुदरती ग़ुलामी है.,

 

तिरे जमाल की तस्वीर खींच दूँ लेकिन,
ज़बाँ में आँख नहीं आँख में ज़बान नहीं.,

 

कौन सी जा है जहाँ जल्वा-ए-माशूक़ नहीं,
शौक़-ए-दीदार अगर है तो नज़र पैदा कर.,

 

Husn Shayari

 

हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका,
मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया.,

 

हुस्न भी है पनाह में इश्क़ भी है पनाह में,
इक तिरी निगाह में इक मिरी निगाह में.,

 

किसी का यूँ तो हुआ कौन उम्र भर फिर भी,
ये हुस्न ओ इश्क़ तो धोका है सब मगर फिर भी.,

 

न पाक होगा कभी हुस्न ओ इश्क़ का झगड़ा,
वो क़िस्सा है ये कि जिस का कोई गवाह नहीं.,

 

Ignore Shayari

 

सुना है उस के बदन की तराश ऐसी है,
कि फूल अपनी क़बाएँ कतर के देखते हैं.,

 

तेरी सूरत से किसी की नहीं मिलती सूरत,
हम जहाँ में तिरी तस्वीर लिए फिरते हैं.,

 

इश्क़ का ज़ौक़-ए-नज़ारा मुफ़्त में बदनाम है,
हुस्न ख़ुद बेताब है जल्वा दिखाने के लिए.,

 

वो आँख क्या जो आरिज़ ओ रुख़ पर ठहर न जाए,
वो जल्वा क्या जो दीदा ओ दिल में उतर न जाए.,

 

Husn Shayari

 

हुस्न भी कम्बख़्त कब ख़ाली है सोज़-ए-इश्क़ से,
शम्अ भी तो रात भर जलती है परवाने के साथ.,

 

फूलों की सेज पर ज़रा आराम क्या किया,
उस गुल-बदन पे नक़्श उठ आए गुलाब के.,

 

हमने सोचा के हम ही उनके,
हुस्न को देख परेशांन है,
ये तो कम्बखत बाद चला के,
उसे बनाकर खुदा भी हैरान है.,

 

दुनिया में तेरा हुस्न मेरी जान सलामत रहे,
सदियों तलक जमीं पर तेरी क़यामत रहे.,

 

Flirt Shayari 

 

उसके चेहरे की चमक के सामने सादा लगा,
आसमान पर चाँद पूरा था मगर आधा लगा.,

 

मेरे गांव का हुस्न मत पूछ,
चांद वहा कच्चे मकान में रहता है.,

 

हुस्न का क्या काम सच्ची मोहब्बत में,
रंग सावला भी हो तो यार कातिल लगता है.,

 

जब ढल जायेगा तेरा हुस्न तो आयुंगा पूछने,
नज नखरे तेरे शबाब के सारे कहा गए.,

 

 

मुस्कुराहट है हुस्न का ज़ेवर मुस्कुराना न भूल जाया करो,
हद से बढ़ कर हसीन लगते हो झूटी क़स्में ज़रूर खाया करो.,

 

तेरा हुस्न बयां करना नहीं था मकसद मेरा,
जिद कागजों ने की थी और कलम चल पड़ी.,

 

शाम भी थी धुआँ धुआँ हुस्न भी था उदास उदास,
दिल को कई कहानियाँ याद सी आ के रह गईं.,

 

हुस्न का क्या काम सच्ची मोहब्बत में,
रंग सांवला भी हो तो यार क़ातिल लगता है.,

 

Husn Shayari Hindi

दोस्तों अब आपको हम कुछ स्पेशल Husn Shayari Hindi की स्पेशल शायरी पढ़ाएंगे जिसे अगर आप एक बार भेज देंगे अपने सपने वाली लड़की को तो समझिए आपकी खवाइश पूरी फिर वो अपने साथ अ जाएगी तो आइए पढे इन हुस्न शायरी को।

 

हुस्न वालों की अदा से हादसे होते तो हैं,
लड़कियों का चलने पे चालान होना चाहिए.,

 

हुस्न की मल्लिका हो या साँवली सी सूरत,
इश्क़ अगर रूह से हो तो हर चेहरा कमाल लगता है.,

 

हुस्न को देखकर उनके,
अजीब नशा सा छा गया,
बिन पिए ही महफिल में कोई,
होश खोया कोई लड़खड़ा गया.,

 

रुख से पर्दा हटा लो जरा,
हुस्न को बेनकाब कर दो,
नजर से नजर मिला कर,
दिल को बेकरार कर दो.,

 

Husn Shayari

 

खुदा ने हुस्न चीज ही ऐसी बनाई है,
तबियत मचल जाती है बड़े-बड़ों की,
एक बार जो मुस्कुराकर देख ले हसीना,
जान निकल जाती है खड़े-खड़ों की.,

 

ऐ खुदा हुस्न तो दिया उन्हें,
जरा शर्मो हया भी दी होती,
आशिकों के दिल तोड़ने पर,
कोई वाजिब सजा भी दी होती.,

 

रंगरेलियां मानाने आये हैं,
आज सभी दीवाने तालाब पर,
कमसीन हसीनाओं की भी कमी नहीं,
आज जवानी और हुस्न आये हैं सैलाब पर.,

 

बाजार में सजधज के आई है,
वो गोरी आज महक रही है,
गजब का हुस्न है उसका,
पर जवानी उसकी बहक रही है.,

 

बहक गए हम तेरे महखाने में,
देखा नहीं हुस्न तेरे जैसा जमाने में,
हटाओ पर्दा दिखाओ चाँद का टुकड़ा,
हल चल मच जाए दिल के वीराने में.,

 

कमसीन हसीना हो तुम,
हुस्न में तुम्हारे गजब का निखार है,
एक बार देख ले तुम्हे अगर तो,
फरिश्ते को भी चढ़ जाता बुखार है.,

 

चांदनी रात जब ठंडी हो,
तो सुहानी रात कहलाती है,
हुस्न वाली नजाकत लिए,
ना जाने किधर जाती है.,

 

तेरे गुलाबी होंठ कजरारे नैना का क्या कहना,
गोरी तेरे वे अदब ऐ हुस्न का क्या कहना,
आपकी इन मदभरी अदाओं का क्या कहना,
खुशी में हिलते हैं जो उन लबों का क्या कहना.,

 

Husn Shayari

 

हुस्न के बाजार में हर तरफ,
मिलेगी घुंघरुओं की झंकार तुम्हें,
तुम ढूंढ़ने निकले हो सच्चा प्यार मगर,
यहाँ मिलेगा प्यार का व्यापार तुम्हें.,

 

दुनिया में तेरा हुस्न मेरी जां सलामत रहे,
सदियों तलक जमीं पे तेरी कयामत रहे.,

 

दिल तो चाहता है चूम लू तेरे रुखसार.
फिर सोचते हैं के तेरे हुस्न को दाग़ न लग जाए.,

 

दरिया ऐ हुस्न दो हाथ ओर बढ गया,
जब उन्होने अंगडाई ली दोनो हाथ उठा कर.,

 

तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत ही क्या है,
कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद.,

 

हुस्न वालों ने क्या कभी की खता कुछ भी,
ये तो हम हैं सर इल्ज़ाम लिए फिरते हैं.,

 

ये जो पानी भी मदहोश और महका हुआ सा है,
जरूर उसने पानी में अपना हुस्न निहारा होगा.,

 

तेरे हुस्न पर तारीफ भरी किताब लिख देता,
काश के तेरी वफ़ा तेरे हुस्न के बराबर होती.,

 

Husn Shayari

 

गए थे उनके हुस्न को बेनकाब करने,
खुद उनके इश्क का नकाब पहनकर आ गए.,

 

हुस्न वालो को क्या जरूरत है संवरने की,
वो तो सादगी में भी क़यामत सी अदा रखते है.,

 

न पूछो हुस्न की तारीफ़ हम से,
मोहब्बत जिस से हो बस वो हसीं है.,

 

तुम्हारे ही हुस्न का नूर है हमारे अक्स पर,
वरना कौन पसंद करता हम जैसे शख्स को.,

 

Husn ki Shayari

तो दोस्तों जैसे – जैसे आगे बढ़ेंगे वैसे – वैसे हम आपको Husn ki Shayari की अनोखी शायरी पढ़ना चालू कर देंगे जो की आपको बहुत पसंद आएगी तो चलिए सुरू करे पढ़ना Shayari on Husn की खास शायरी को।

 

क्या हुस्न ने समझा है क्या इश्क ने जाना है,
हम खाक नशीनो की ठोकर में ज़माना है.,

 

ये आईने क्या देंगे तुझे तेरे हुस्न की खबर,
मेरी आँखों से तो पूछ कर देख कितनी हसीन है तू.,

 

अब हम समझे तेरे चेहरे पे तिल का मतलब,
हुस्न की दौलत पे दरबान बिठा रखा है.,

 

ये हुस्न ये मौसम ये बारिश और मस्त ये मदमस्त हवाएँ,
लगता है आज फिर मोहबत ने किसी का साथ दिया है.,

 

 

मैं इज़्ज़त करता हूँ सिर्फ दिल से चाहने वाले की,
हुस्न तो आज कल बाज़ार में भी बिकते हैं.,

 

लोग कहते हैं कि इश्क मत करो,
कि हुस्न सर पे सवार हि जाये,
हम कहते हैं कि इश्क इतना करो,
कि पत्थर दिल को भी तुमसे प्यार हो जाये.,

 

गए थे उनके हुस्न को बेनकाब करने,
खुद उनके इश्क का नकाब पहनकर आ गए.,

 

जाने उस शख्स को कैसा हुनर आता है,

रात होते ही आँखों में उतर जाता है.,

 

मै उसके खयालो से बच के कहा जाऊ,

वो मेरी हर सोच के रास्ते पे नज़र आता है.,

 

तेरे इख़्तियार में है फिजा,
तू खिज़ां का जिश्म सवार दे,
मुझे रूह से तू नवाज दे,
मुझे जिंदगी से न कर जुदा.,

 

दुनिया में तेरा हुस्न मेरी जां सलामत रहे,
सदियों तलक जमीं पे तेरी कयामत रहे.,

 

ये इश्क़ बनाने वाले की मैं तारीफ करता हूं,
मौत भी हो जाती है और क़ातिल भी पकड़ा नही जाता.,

 

लोग भले ही मेरी शायरी की तारीफ न करे,
खुशी दुगनी होती है जब उसे कॉपी पेस्ट में देखता हूं.,

 

Husn Shayari

 

गए थे उनके हुस्न को बेनकाब करने,

खुद उनके इश्क का नकाब पहनकर आ गए.,

 

मुझको मालूम नहीं हुस्न की तारीफ फ़राज़,

मेरी नज़रों में हसीन वो है जो तुझ जैसा हो.,

 

लोग समझते हैं के मैं तुम्हारे हुस्न पर मरता हूँ,

अगर तुम भी यही समझते हो तो सुनो,

जब हुस्न खो दो तब लौट आना.,

 

अब हम समझे तेरे चेहरे पे तिल का मतलब,
हुस्न की दौलत पे दरबान बिठा रखा है.,

 

तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत ही क्या है,
कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद.,

 

तेरा हुस्न बयां करना नहीं मकसद था मेरा.,
ज़िद कागजों ने की थी और कलम चल पड़ी.,

 

क्या तुझे कहूं तू है मरहबा.
तेरा हुस्न जैसे है मयकदा,
मेरी मयकशी का सुरूर है,
तेरी हर नजर तेरी हर अदा.,

 

जिस मोड़ पे तू मिल गई,
वहां एक नई राह खुल गई,
तू नए किरण की बहार है,
अब रात भी मेरी ढल गई.,

 

 

तेरी तरफ जो नजर उठी,
वो तापिशे हुस्न से जल गयी,
तुझे देख सकता नहीं कोई,
तेरा हुस्न खुद ही नकाब हैं.,

 

तेरी एक हंसी पर सौ जहां वार दूं,

जितना तू कहे मैं उतना प्यार दू,

तू फूलो सी सदा खिलखिलाती रहे,

आ तेरी ज़रा नज़र उतार दू.,

 

नाज़ुक उसके लबों की क्या कहिये,

पंखुड़ी इक गुलाब की सी है.,

 

अंदाज अपना देखते हैं आईने में वो,

और ये भी देखते हैं कोई देखता न हो.,

 

यूँ न निकला करों आज कल रात को,

चाँद छुप जाएगा देख कर आप को.,

 

मुझे क्या मालूम था हुस्न क्या होता है,

मेरी नज़रों ने तुझे देखा और अंदाजा हो गया.,

 

मैं भी लिख देता किताब तेरे हुस्न की तारीफ़ में,

काश तेरी वफ़ा और हुस्न का कोई मुकाबला भी होता.,

 

हटाये नहीं है तो ये नज़रें तेरे चेहरे से हुज़ूर,

हम तेरे कायल है और तुझे है हुस्न का गुरुर.,

 

तेरे हुस्न के आगे मुझे लगता है सब कुछ सादा,

आस्मां में है पूरा चाँद पर मुझे लगता है आधा.,

 

उसने ऐसी मारी नज़र के मेरे होश उड़ गए,

देख कर उसका हुस्न उस से कुछ नाते जुड़ गए,

अब रहना उसके बिना दुश्वार सा लगता है,

मुझे भी हो गया उसके साथ प्यार सा लगता है.,

 

Conclusion

यही सभी Husn Shayari आप सभी को काफी पसंद आई होंगी अगर नहीं तो आप हमे कमेन्ट मे बताए हम अपने अगले पोस्ट व  Hindi Shayari मे कुछ अच्छा सुधार करेंगे।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *