Insaan Shayari – दोस्तों अक्सर आप जब किसी नई जगह पर जाते हो तो किसी न किसी ऐसे इंसान से जरूर मिलते होंगे जिसको आप कभी जानते नहीं हो लेकिन उस टाइम आप उस व्यक्ति से बात करते हो ताकि आप उसे  समझ सको।

लेकिन जब भी आप किसी अनजान व्यक्ति से पहली बार मिलते हो तो आपके मन मे यह खयाल जरूर आता की यह व्यक्ति क्या मुझसे दोस्ती करने लायक है क्योंकि जब भी आप किसी को अपना दोस्त बनाते हो तो आप उस पर पूर्ण रूप से भरोस करते हो जिस कारण आपके मन मे यह संदेह हमेशा बना राहत की क्या ये व्यक्ति सही है या नहीं।

इस बड़ी परिस्थिति मे आपकी मदद के लिए हम प्रस्तुत कर रहे की Insaan Shayari क्योंकि एक इंसान को समझने के लिए उसके ढंग व रख – रखाव को समझना बहुत जरूरी होता है। इस लिए आप सभी इस Shayari on Insaan को एक बार जरूर पढे क्योंकि इसमे हमारे पूर्वज व बड़े – बड़े शायर बाजों ने अपना अनुभव बताया है।

जिस अनुभव को समझ कर आप इन सभी व्यक्ति को भी समझ सकते जिनसे आप पहली बार मिल रहे है क्योंकि यह जरूरी है किसी भी व्यक्ति पर भरोसे से पहले उसकी सभी चल – ढाल को समझना।

 

Insaan Ki Pahchan Shayari

अब आइए हम आपके सामने प्रस्तुत करने जा रहे Insaan Shayari जिसमे हमारे पूर्वज व बड़े बड़े शेयरों के कई जन्मों को सम्पूर्ण अनुभव छुपा हुआ है। आइए प्रस्तुत है आपके सामने बढ़िया इंसान की पहचान के लिए Insaan Ki Pahchan Shayari.

 

ज़िन्दगी में खुद को कभी किसी,
इंसान का आदि मत बनाना,
क्योंकि इंसान केवल अपने मतलब से,
ही प्यार करता है.,

 

इंसान की चाहत है कि उड़ने को पर मिले,
और परिंदे सोचते है कि रहने को घर मिले.,

 

जब रिश्ता नया होता हैं तो,
लोग बात करने का बहाना ढुढते हैं,
और जब उही रिश्ता पुराना हो जाता हैं,
तो लोग दुर होने का बहाना ढुढते हैं.,

 

आज गुमनाम हूँ तो जरा फासला रख मुझसे,
कल फिर मसहूर हो जाऊ तो कोई रिश्ता निकाल लेना.,

 

दुनिया को देख कर अब हम भी मिज़ाज बदले गे ,
रिश्ता सब से होगा लेकिन वास्ता किसी से नहीं.,

 

insaan shayari

 

कोई कहता हैं दुनिया प्यार से चलती है,
कोई-कहता हैं दुनिया दोस्ती से चलती है,
लेकिन जब अजमाया तो पता,
दुनिया तो बस मतलब से चलती है.,

 

सिखा दिया है दुनिया ने ये अपनो पर भी शक करना,
वरना मेरी फ़ितरत में तो गौरो पर भी भरोसा करना था.,

 

बाते बिश्रृस और भरोसा की बेमानी सी लगती हैं,
झूठी दुनिया में वफादारी अनजानी से लगती हैं,
झूठे लोगों से भरी परी है कहाँनिया यहा किताबों में,
प्यार से बोल दे कोई तो मेहर बानी सी लगती हैं.,

 

इंसान कि अच्छाई पर सब खामोश रहते हैं,
चर्चा अगर उसकी बुराई पर हो तो गुगे भी बोल पड़ते हैं.,

 

वक़्त की आग में पत्थर भी पिघल जाते हैं,
हसी लम्हे टूटकर अशकों में बह जाते हैं,
कोई साथ नहीं देगा इस जि़दगी में हमारा,
क्योंकि वक़्त के साथ इंसान बदल जाता हैं.,

 

मत करो मेरी पीठ के पीछे बात जाकर कोने में,
वरना पुरी ज़िंदगी गुजर जायेगी रोने में.,

 

अकसर वही लोग हम पर उँगलीया उठाते हैं,
जिनकी मुझसे बात करने की औकात न हैं.,

 

कितनी दुर निकल आये हम इश्क़ निभाते निभाते,
खुद को खो दिया हमने उनको पाते पाते,
लोग कहते हैं दर्द बहुत हैं तेरे आँखो में,
और हम दर्द छुपाते रहे मुस्कराते मुस्कराते.,

 

ज़िन्दगी जिने का कुछ ऐसा अंदाज रखो,
मतलबी दोस्तों को नजर अंदाज़ रखो.,

 

दुनिया बहुत मतलबी है साथ कोई क्यों देगा,
मुफ्त का यहा कफन नहीं मिलता,
तो बिना गम के प्यार कोन देगा.,

 

insaan shayari

 

मुझे ख़ास ना बनाओ मुझे आम ही रहने दो,
मैं इंसान ही अच्छा हूँ मुझे इंसान ही रहने दो.,

 

मुस्कुराते इंसान की कभी जेबें टटोलना,
हो सकता है उसका रुमाल गिला मिले.,

 

जबसे इंसान की जमीर बिकने लगी है,
तबसे इंसान की कीमत घटने लगी है.,

 

क्या तुम्हें पता है इंसान का क्या मोल है,
ईमानदार इंसान आज भी अनमोल है.,

 

आप जिस लहजे में बात कर रहे है,
जनाब, आप अपनी कीमत बता रहे है.,

 

Shayari on Insaan Ki Fitrat

दोस्तों आइए अब हम आपके लिए लाए Shayari on Insaan Ki Fitrat क्योंकि किसी इंसान की फितरत को समझना सबसे जरूरी होता है इस लिए इन सभी Insaan Shayari मे आपके लिए हम कुछ ये इंसानी फितरत के ऊपर भी शायरी लेकर आए है।

 

वक़्त और हालात तय करते है,
कि इंसान की कीमत क्या है.,

 

जब किसी का दिल घर बन जाता है,
तो इंसान की कीमत बहुत ज्यादा बढ़ जाता है.,

 

ज़िंदगी में इंसान दो लोगों से हार जाता है,
पहला परिवार से दूसरा अपने प्यार से.,

 

मुझे पढ़ने वाला हर एक इंसान अनपढ़ निकला,
ना जाने भगवान ने किस भाषा मे लिखा था मुझे.,

 

हमेशा तैयारी के साथ ही रहना साहब,
मौसम और इंसान कब बदल जाये इसका कोई भरोसा नहीं.,

 

insaan ki pehchan shayari

 

गगनचुंबी इमारत देखकर समझ आया,
इंसान कितना नीचे आया तरक्की करके.,

 

कहीं भी नहीं लिखा है इश्क सिर्फ जवानी मैं ही होता है,
लेकिन इश्क जब भी होता है इंसान जवा जरूर नजर आता है.,

 

मास्क तो बस एक बहाना है असल में,
इंसान कुदरत को मुंह दिखाने के लायक नहीं रहा.,

 

इतना भी निर्दई मत बन रे मनुष्य,
कि ये प्रकृति क्षमा करना भूल जाए.,

 

बेहतरीन इंसान अपनी मीठी जुबान से ही जाना जाता है,
वरना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी होती है.,

 

कैसे हो पायेगी अच्छे इंसान की पहचान,
दोनो ही नकली हो गए हैं आंसू और मुस्कान.,

 

इलाजे-दर्दे-दिल तुमसे मसीहा हो नहीं सकता,
तुम अच्छा कर नहीं सकते मैं अच्छा हो नहीं सकता.,

 

ख़्यालों की सियासत करते हों लोग जहाँ,
वहाँ हम बेख़्याल रहें तो अच्छा है.,

 

घरों पे नाम थे नामों के साथ ओहदे थे,
बहुत तलाश किया कोई आदमी न मिला.,

 

ख़ुद को बिखरते देखते हैं कुछ कर नहीं पाते हैं,
फिर भी लोग ख़ुदाओं जैसी बातें करते हैं.,

 

shayari on insaan ki fitrat

 

बस्ती में अपनी हिन्दू मुसलमां जो बस गए,
इंसां की शक्ल देखने को हम तरस गए.,

 

जंगलों में सर पटकता जो मुसाफिर मर गया,
अब उसे आवाज देता कारवां आया तो क्या.,

 

रूप रंग मिलता है ख़द्द-ओ-ख़ाल मिलते हैं,
आदमी नहीं मिलता आदमी के पैकर में.,

 

रखते हैं जो औरों के लिए प्यार का जज्बा,
वो लोग कभी टूट कर बिखरा नहीं करते.,

 

बस कि दुश्वार है हर काम का आसां होना,
आदमी को भी मय्यसर नहीं इंसां होना.,

 

जरूरी नहीं कि इंसान प्यार की मूरत हो,
सुंदर और बेहद खूबसूरत हो,
अच्छा तो वही इंसान होता है,
जो तब आपके साथ हो,
जब आपको उसकी जरूरत हो.,

 

सख़्त काफ़िर था जिन ने पहले ‘मीर’

मज़हब-ए-इश्क़ इख़्तियार किया.,

 

इश्क की हमारे बस इतनी सी कहानी है,
तुम बिछड गए हम बिख़र गए,
तुम मिले नहीं और हम किसी और के हुए नही.,

 

अजीब है महोब्बत का खेल,
जा मुझे नही खेलना,
रूठ कोई और जाता है
टूट कोई और जाता है.,

 

बहाना क्यों बनाते हो नाराज होने का
कह क्यों नही देते के अब दिल मे जगह नही तुम्हारे लिए.,

 

shayari on insaan

 

ना जाने किस बात पे वो नाराज हैं हमसे,
ख्वाबों मे भी मिलता हूँ तो बात नही करती.,

 

हद से गुज़र जाऊ तो मुझे माफ़ करना,
तेरे दिल में उतर जाऊ तो मुझे माफ़ करना,
देखने को रात में तुझे तेरे दीदार के खातिर,
पल भर जो ठहर जाऊ तो मुझे माफ़ करना.,

 

कैसे हो पाएगी अच्छे इंसान की पहचान,
जब दोनों ही नकली हो गये है आँसू और मुस्कान.,

 

गुजारिश हमारी वह मान न सके,
मजबूरी हमारी वह जान न सके,
कहते हैं मरने के बाद भी याद रखेंगे,
जीते जी जो हमें पहचान न सके.,

 

जान-पहचान बनाने से कुछ मिलता नही,
तूफ़ान कितना भी तेज हो पहाड़ हिलता नही.,

 

Insaan Ki Keemat Shayari

अब अगर हम बात कर रहे इंसान की फितरत की तो हमको इंसान के कीमत की भी तो बात करनी पड़ेगी क्योंकि आज के समय मे जिसको भी कोई कीमती इंसान मिल गया तो वो समझो धन्य हो गया। इस लिए अब हम प्रस्तुत करेंगे Insaan Ki Keemat Shayari जिसे आपको जरूर पढ़ना चहाइए।

 

बड़ी अजीब सी है शहरों की रौशनी,
उजालों के बावजूद चेहरे पहचानना मुश्किल है.,

 

जो सबकुछ जानकर भी अंजान है,
उसे सच्चे प्यार की नही पहचान है.,

 

पहचान पाने के खातिर पूरा जीवन लगा दिया,
चंद रूपयों के लालच में ईमान को दांव पर लगा दिया.,

 

विरासत में दौलत और शोहरत तो मिल जाया करती है,
पर पहचान तो इंसान को खुद ही बनानी पड़ती है.,

 

लफ़्ज मेरी पहचान बने तो बेहतर है,
चेहरे का क्या वो तो साथ चला जाएगा.,

 

insaan ki keemat shayari

 

इंसान की पहचान की शुरूआत चेहरे से होती है,
पर उसकी सम्पूर्ण पहचान तो व्यवहार से ही होती है.,

 

तू होश में थी फिर भी हमें पहचान न पाई,
एक हम थे जो बेहोशी में भी तेरा नाम लेते रहे.,

 

कुछ अलग करना हो तो भीड़ से हट के चलिए,
भीड़ साहस तो देती है मगर पहचान छीन लेती है.,

 

काम करो ऐसा कि पहचान बन जाए,
हर कदम ऐसा चलो कि निशान बन जाए,
यहाँ जिन्दगी तो सभी काट लेते है,
जिन्दगी जियो ऐसे कि मिसाल बन जाए.,

 

Aankhen Shayari

 

जब से हमें अपने परायों की पहचान हो गई,
तन्हा ही रहता हूँ पूरी दुनिया वीरान हो गई,
हंसी के ठहाके गूंजा करते थे जिन गलियों में,
अब हाल यूं कि साड़ी सड़के सूनसान हो गई.,

 

बहुत पहले से उन कदमों की आहत को जान लेते है,
तुझे ऐ जिदंगी हम दूर से पहचान लेते है.,

 

कोई बोलता है तुम हिन्दू बन जाओ,
कोई बोलता है मुसलमान बन जाओ,
कुछ ऐसा कर जाओ इस जिन्दगी में कि,
हर मजहब की तुम ‘पहचान’ बन जाओ.,

 

आपकी मेहनत ही आपकी पहचान है,
वरना एक नाम के लाखों इंसान है.,

 

मेरी जबान के मौसम बदलते रहते हैं,
मैं तो आदमी हूँ मेरा ऐतबार मत करना.,

 

सच्चाई थी पहले के लोगों की जुबानों में,
सोने के थे दरवाजे मिट्टी के मकानों में.,

 

 

इंसान की ख़्वाहिशों की कोई इन्तेहाँ नहीं,
दो गज़ ज़मीं भी चाहिए दो गज़ कफ़न के बाद.,

 

यहाँ लिबास की कीमत है आदमी की नहीं,
मुझे गिलास बड़े दे शराब कम कर दे.,

 

जिन्हें महसूस इंसानों के रंजो-गम नहीं होते,
वो इंसान हरगिज पत्थरों से कम नहीं होते.,

 

फितरत, सोच और हालात का फर्क है वरना,
इन्सान कैसा भी हो दिल का बुरा नहीं होता.,

 

हमारी आरजूओं ने हमें इंसान बना डाला​,
​वरना जब जहां में आये थे बन्दे ​​​थे खुदा के​.,

 

दिल के मंदिरों में कहीं बंदगी नहीं करते,
पत्थर की इमारतों में खुदा ढूंढ़ते हैं लोग.,

 

चंद सिक्कों में बिकता है यहाँ इंसान का ज़मीर,
कौन कहता है मेरे मुल्क में महंगाई बहुत है.,

 

जिस्म की सारी रगें तो स्याह खून से भर गयी हैं,
फक्र से कहते हैं फिर भी हम कि हम इंसान हैं.,

 

मेरी जबान के मौसम बदलते रहते हैं,
मैं तो आदमी हूँ मेरा ऐतबार मत करना.,

 

 

हर आदमी होते हैं दस बीस आदमी,
जिसको भी देखना कई बार देखना.,

 

यहाँ लिबास की क़ीमत है आदमी की नहीं,
मुझे गिलास बड़े दे शराब कम कर दे.,

 

मेरी जबान के मौसम बदलते रहते हैं,
मैं तो आदमी हूँ मेरा ऐतबार मत करना.,

 

ढूंढ़ने से तो बशर को खुदा भी मिलता है,
खुदा अगर ढूंढे तो इंसान कहाँ मिलता है.,

 

इंसानियत तो मैंने आज ब्लड बैंक में देखी थी,
खून की बोतलों पर मजहब लिखा नही होता.,

 

दिल के मंदिरों में कहीं बंदगी नहीं करते,
पत्थर की इमारतों में खुदा ढूंढ़ते हैं लोग.,

 

पहले जमीन बंटी फिर घर भी बाँट गया,
इंसान अपने आप में कितना सिमट गया.,

 

Conclusion

यही सभी Insaan Shayari आप सभी को काफी पसंद आई होंगी अगर नहीं तो आप हमे कमेन्ट मे बताए हम अपने अगले पोस्ट व New Shayari मे कुछ अच्छा सुधार करेंगे।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published.