Khamoshi Shayari | 100+ Best Khamoshi Shayari in Hindi with Image

दोस्तों आज हम आपको कुछ स्पेशल Khamoshi Shayari पढ़ाने जा आढ़े जो आपको बहुत ज्यादा पसंद आएगी क्योंकि यह Khamoshi Shayari केवल उन लोगों के लिए है जो आपके साथ तो रहते है लेकिन उनके चहरे पर हमेशा आप खामोशी देखते हो और आप चाहते हो की आप उनकी इस खामोशी को एक स्माइल मे बादलों और उनको एक खुशी के पल का अहसास दिलाओ तो आइए सुरू करिए पढ़ना इन सभी Khamoshi Shayari को और फिर इनको भेजिए उनको जिनको खामोशी आप मुस्कुराहट मे बदलना चाहते हो।

तो आइए सुरू करिए पढ़ना इन सभी Khamoshi Shayari को पढ़ना फिर इन शायरी की मदद से आप अपने प्रिय दोस्त, पार्टनर, जीवन साथी की खामोशी को बदलिए एक अच्छी सी मुस्कुराहट मे क्योंकि उनकी मुस्कुराहट आपके लिए बहुत कुछ है। आप ऐसे तो उनको इसी तरह खामोशी मे तो रहने नहीं देंगे क्योंकि ये तो आप भी जानते हो खामोशी कितनी ज्यादा खराब है।

तो आइए सुरू करिए पढ़ना इन सभी Khamoshi Shayari को फिर शेयर भी करिए इन Meri Khamoshi Shayri को अपने सच्चे साथी के साथ तो आइए सुरू करिए पढ़ना इन सभी शायरी को बिना समय बर्बाद किए।

 

Khamoshi Shayari in Hindi

अब आपको हम यह Khamoshi Shayari in Hindi पढ़ाने जा रहे जो आपको बहुत पसंद आएगी आप बस इनको सीधे पढे और फिर शेयर कर दे ताकि आपके पार्टनर भी इन सभी Khamoshi Shayari को पढे और अपने खामोशी की बदले।

 

जिंदगी के लिये जान ज़रूरी है,

जीने के लिये अरमान ज़रूरी है,

हमारे पास हो चाहे कितना भी गम,

लेकिन तेरे चहरे पर मुस्कान ज़रूरी है.,

 

चलो अब जाने भी दो यार क्या करोगे दास्तान सुनकर,

खामोशी तुम समझोगे नहीं और बयां हमसे होगा नहीं.,

 

तड़प रहे है हम तुमसे एक अल्फाज के लिए,

तोड़ दो खामोशी हमें जिन्दा रखने के लिए.,

 

तेरी खामोशियों को पढ़कर खामोश हो जाता हूं,

भला कर भी क्या सकता हूं गम-ए-आगोश हो जाता हूं.,

 

क्यों करते हो मुझसे इतनी ख़ामोश मोहब्बत,

लोग समजते है इस बदनसीब का कोई नहीं.,

 

Khamoshi Shayari

 

जब इंसान अंदर से टूट जाता हैं,

तो अक्सर बाहर से खामोश हो जाता हैं.,

 

मेरी जिंदगी में मेरे दोस्तों ने मुझको खूब हँसाया,

घर की जरूरतों ने मेरे चेहरे पर सिर्फ खामोशी ही लाया.,

 

कभी सावन के शोर ने मदहोश किया था मौसम,

आज पतझड़ में हर दरख़्त खामोश खड़ा है.,

 

चलो अब जाने भी दो यार क्या करोगे दास्तान सुनकर,

खामोशी तुम समझोगे नहीं और बयां हमसे होगा नही.,

 

ये मंजर जो दिख रहा है तेज आंधियों का,

इससे पहले यहाँ एक ख़ामोशी भी छाई थी.,

 

Smile Shayari

 

मेरी खामोशी थी जो सब कुछ सह गयी,
उसकी यादें ही अब इस दिल में रह गयी,
थी शायद उसकी भी कोई मज़बूरी,
जो मेरी जिंदगी की कहानी अधूरी ही रह गयी.,

 

रात हुई जब हर शाम के बाद,
तेरी याद आयी हर बात के बाद,
हमने खामोश रह कर भी महसूस किया,
तेरी आवाज़ आयी हर सांस के बाद.,

 

जब खामोश आँखो से बात होती है,
ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है,
तुम्हारे ही ख़यालो में खोए रहते हैं,
पता नही कब दिन और कब रात होती है.,

 

मुझे खामोश राहों में तेरा साथ चाहिए,
तन्हा है मेरा हाथ तेरा हाथ चाहिए,
जूनून-ए-इश्क को तेरी ही सौगात चाहिए,
मुझे जीने के लिए तेरा ही प्यार चाहिए.,

 

इस नजर ने उस नजर से बात करली,
रहे खामोश मगर फिर भी बात करली,
जब मोहब्बत की फ़िज़ा को खुश पाया,
तो दोनों निगाहों ने रो रो कर बरसात करली.,

 

Khamoshi Shayari

 

चलो आज खामोश प्यार को इक नाम दे दें,
अपनी मुहब्बत को इक प्यारा सा अंज़ाम दे दें,
इससे पहले की कहीं रूठ न जाएँ मौसम,
अपने धड़कते हुए अरमानों को एक सुरमई शाम दे दें.,

 

ख्वाइश तो यही है कि तेरी बाँहों में पनाह मिल जाये,
शमा खामोश हो जाये और शाम ढल जाये,
मोहब्बत तू इतना करे कि इतिहास बन जाये,
और तेरी बाँहों से हटने से पहले ये शाम हो जाये.,

 

मेरी खामोशी थी जो सब कुछ सह गयी,
उसकी यादें ही अब इस दिल में रह गयी,
थी शायद उसकी भी कोई मज़बूरी,
जो मेरी जिंदगी की कहानी अधूरी ही रह गयी.,

 

दर्द हद से ज्यादा हो तो आवाज छीन लेती है,

ऐ दोस्त, कोई खामोशी बेवजह नहीं होती है.,

 

मेरी ख़ामोशी में सन्नाटा भी हैं और शोर भी हैं,

तूने गौर से नहीं देखा इन आखों में कुछ और भी हैं.,

 

Judai Shayari

 

शोर तो दुनिया वालों ने मचाया है हमारे कारनामों का,

हमने तो जब भी कुछ किया ख़ामोशी से ही किया है.,

 

हम खामोशी से देते हैं खामोशी का जवाब,

कौन कहता हैं अब हम बात नहीं करते.,

 

एक उम्र ग़ुज़ारी हैं हमने तुम्हारी ख़ामोशी पढते हुए,

एक उम्र गुज़ार देंगे तुम्हें महसूस करते हुए.,

 

चुभता तो बहुत कुछ हैं मुझे भी तीर की तरह,

लेकिन खामोश रहता हूँ तेरी तस्वीर की तरह.,

 

मेरी खामोशियों पर भी उठ रहे थे सौ सवाल,

दो लफ्ज़ क्या बोले मुझे बेगैरत बना दिया.,

 

Khamoshi Shayari

 

खामोशी छुपाती है ऐब और हुनर दोनों,

शख्सियत का अंदाज़ा गुफ्तगू से होता है.,

 

आपको देख कर यह निगाह रुक जाएगी,
ख़ामोशी अब हर बात कह जाएगी,
पढ़ लो अब इन आँखों में अपनी मोहब्बत,
कसम से सारी कायनात इसे सुनने को थम जाएगी.,

 

करनी है खुदा से गुजारिश,

तेरी दोस्ती के सिवा कोई बंदगी न मिले,

हर जनम में मिले दोस्त तेरे जैसा,

या फिर कभी जिंदगी न मिले.,

 

खामोशी राहों में तेरा साथ चाहिए,

तनहा है मेरा हाथ तेरा हाथ चाहिए,

मुझको मेरे मुक्कदर पर इतना यकीन तो है,

तुझको भी मेरे लफ्ज़ मेरी बात बात चाहिए.,

 

Meri Khamoshi Shayari

दोस्तों अब आइए आपको हम यह Meri Khamoshi Shayari पढ़ाने जा रहे जो जो आपको बहुत ज्यादा पसंद आएगी बस आप इन सभी Khamoshi Shayari खुद से पढे और अपनी खामोशी को दूर करे।

 

सिर्फ नजदीकियों से मोहब्बत हुआ नहीं करती,

फासले जो दिलों हो तो फिर चाहत हुआ नहीं करती,

अगर नाराज़ हो खफा हो तो शिकायत करो हमसे,

ख़ामोश रहने से दिलों कि दूरियां मिटा नहीं करती.,

 

रहना चाहते थे साथ उनके,

पर इस ज़माने ने रहने ना दिया,

कभी वक़्त की खामोशी मेे ख़ामोश रहे,

तो कभी उनकी खामोशी ने कुछ कहने ना दिया.,

 

तुमको मिल जायेंगे बेहतर मुझसे,

मुझको मिल जायँगे बेहतर तुमसे,

पर कभी – कभी लगता हे,

हम एक दूसरे को मिल जाते तो होता बेहतर सबसे.,

 

चाहतों ने किया मुझ पर ऐसा असर,

जहां देखूं मै देखूं तुझे हमसफ़र,

मेरी खामोशियां मेरी ज़ुबान बन गई,

मेरी बेचैनियां मेरी दास्तां बन गई.,

 

क़ाश एक शायरी कभी

तुम्हारी क़लम से ऐसी भी हो,

जो मेरी हो मुझ पर हो

और बस मेरे लिए हो.,

 

मैं अगर बेजुबां हो जाऊं,

तुम मेरी जुबां बन जाना,

मैं अगर रास्ता भटक जाऊं,

तुम मेरी दिशा बन जाना.,

 

Khamoshi Shayari

 

ना भूख है ना प्यास है बस,

जुस्तजू है तुम्हारी,

तुम चाहो या ना चाहो,

तुम्हें चाहना फितरत है हमारी.,

 

कोई हंगामा-ए-हयात नहीं,
रात ख़ामोश है सहर ख़ामोश.,

 

देखोगे तो आएगी तुम्हें अपनी जफ़ा याद,
ख़ामोश जिसे पाओगे ख़ामोश न होगा.,

 

ख़ामोशी का हासिल भी इक लम्बी सी ख़ामोशी थी,
उन की बात सुनी भी हम ने अपनी बात सुनाई भी.,

 

मिरी प्यास का तराना यूं समझ न आ सकेगा,
मुझे आज सुन के देखो मिरी ख़ामोशी से आगे.,

 

उठा लाया किताबों से वो इक अल्फ़ाज़ का जंगल,
सुना है अब मिरी ख़ामोशियों का तर्जुमा होगा.,

 

क्या करोगे मेरी ख़ामोशी के पीछे के दर्द को जानकार,
कहीं मेरी दर्द को जानकार, तुम भी खामोश न हो जाओ.,

 

ये दुनिया बड़ी जालिम है उसे आपकी ख़ामोशी से क्या लेना,
इस दुनिया को तो बस आपके दर्द से मजा लेना से है.,

 

जब भी उसकी याद आती इस दिल में,
तभी ख़ामोशी सी छा जाती है इस दिल में.,

 

खामोशियाँ तेरी मेरी खामोशियाँ,
खामोशियाँ तेरे मेरे एहसास में लिपटी हुई.,

 

Khamoshi Shayari

 

प्यार मोहब्बत नहीं तो कुछ शिकवा शिकायत ही कर लो,
मीठी बातें नहीं तो कड़वी बात ही करलो,
पर अपने होठों से ख़ामोशी तो दूर कर लो.,

 

दर्द बयान कर दिया तो दुनिया नहीं जीने देगी,
और ख़ामोशी नहीं तोड़ी तो दर्द जीने नहीं देगा.,

 

तेरी मोह्हबत से जायदा जुरूरी,
तेरी ख़ामोशी है तोह उससे,
रहने दे प्यार जरुरी थोड़ी है.,

 

कई रिश्तों को टूटने,
से भी बचाती है ख़ामोशी,
और तुम कहते हो बेफिज़ूल है ये.,

 

काश तुम खामोशी समझ जाते,
अब तुम मिलोगे नही और बताने,
की हमारी हिम्मत भी नहीं.,

 

ख़ामोशी में लाखो दर्द है हमारी,
और हस्ते है तो सब पूछते है क्या हुआ.,

 

ख़ामोशी से जब तुम भर जाओगे जनाब,
थोड़ा सा चीख़ तोह लेने वरना मर जाओगे.,

 

तेरी ख़ामोशी अगर तेरी मज़बूरी है,
टेंशन मत लो आप से समझो,
तोह इश्क़ कोनसा जरुरी है.,

 

खामोश वो भी रहे,
न हमने कुछ कहा,
बात इतनी सी हुई है साहब,
अब दिल हो गये है जुदा.,

 

खामोशिया बोहोत कुछ कहती है,
कभी मन हो तोह आना यहाँ,
तुम्हे एक एक बात सुनयेंगे.,

 

 

जब गम है खामोश रहकर,
छुपाओ मत, भरा है जो जोश,
उससे भी तोह दिखाओ न.,

 

किसी के लड़ने चिल्लाने से जायदा,
किसी की ख़ामोशी मार डालती है.,

 

कैसे दिखाए प्यार तुम्हे,
कैसे जतएं ऐतबार तुम्हे,
कभी आ जाओ तुम और कहो,
तुम कुछ मत कहो हम समझ गये.,

 

ख़ामोशी का जवाब,
ख़ामोशी नहीं होती,
हर दुआ में वो क्यों है होती,
न मिले तोह ये आँखे है रोती.,

 

चेहरा पढ़ कर देखोगे तो जानोगे,

ख़ामोशी का क्या क्या मतलब होता है.,

 

Khamoshi Shayari Hindi

दोस्तों अब आइए आपको कुछ Khamoshi Shayari Hindi पढ़ने जा रहे जो आपको और भी अधिक पसंद आएगी बस आप इन सभी Khamoshi Shayari को सही से पढे और दोस्तों मे शेयर भी करे।

 

कितनी लम्बी ख़ामोशी से गुज़रा हूँ

उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की.,

 

जैसे इक तूफ़ान से पहले की ख़ामोशी,

आज मिरी बस्ती में ऐसा सन्नाटा है.,

 

   हम ख़ामोशी से देते हैं ख़ामोशी का जवाब,
कौन कहता हैं अब हम बात नहीं करते.,

 

चुभता तो बहुत कुछ हैं मुझे भी तीर की तरह,

लेकिन खामोश रहता हूँ तेरी तस्वीर की तरह.,

 

इंसान की अच्छाई पर सब खामोश रहते हैं,

चर्चा अगर उसकी बुराई पर हो तो गूँगे भी बोल पड़ते हैं.,

 

 

बडी लम्बी खामोशी से गुजरा हूँ मै ,

किसी से कुछ कहने की कोशिश मे.,

 

कुछ कहा भी नहीं और सारी बात हो गयी,
उसकी ख़ामोशी ने ही सारी दास्तान कह सुनाई.,

 

मेरी खामोशियों पर भी उठ रहे थे सौ सवाल,
दो लफ्ज़ क्या बोले मुझे बेगैरत बना दिया.,

 

जरूरी नहीं कि हर बात लफ़्ज़ों की गुलाम हो,
ख़ामोशी भी खुद में इक जुबान होती है.,

 

उसकी सच्चाई जब से हमारे पास आई,
हमारे लबों को तब से ख़ामोशी ही रास आई.,

 

हम खुश थे तो लोगों को शक भी न हुआ,
जरा सी ख़ामोशी ने हमारी सारे राज खोल दिए.,

 

कभी सावन के शोर ने मदहोश किया था मौसम,
आज पतझड़ में हर दरख़्त खामोश खड़ा है.,

 

शोर तो दुनिया वालों ने मचाया है हमारे कारनामों का,
हमने तो जब भी कुछ किया ख़ामोशी से ही किया है.,

 

 

भूल गए हैं लफ्ज़ मेरे लबों का पता जैसे,
या फिर खामोशियों ने जहन में पहरा लगा रखा है.,

 

ये तुफान यूँ ही नहीं आया है,
इससे पहले इसकी दस्तक भी आई थी,
ये मंजर जो दिख रहा है तेज आंधियों का,
इससे पहले यहाँ एक ख़ामोशी भी छाई थी.,

 

तड़प रहे है हम तुमसे एक अल्फाज के लिए
तोड़ दो खामोशी हमें जिन्दा रखने के लिए.,

 

मेरे चुप रहने से नाराज ना हुआ करो
गहरा समंदर हमेशा खामोश होता है.,

 

चुभता तो बहुत कुछ हैं मुझे भी तीर की तरह
लेकिन खामोश रहता हूँ तेरी तस्वीर की तरह.,

 

कुछ तो है हमारे बीच में,
वरना तू खामोश ना होता,
और मैं तेरी खामोशी,
पढ़ नहीं रही होती.,

 

Conclusion

यही सभी Khamoshi Shayari आप सभी को काफी पसंद आई होंगी अगर नहीं तो आप हमे कमेन्ट मे बताए हम अपने अगले पोस्ट व  Hindi Shayari मे कुछ अच्छा सुधार करेंगे।

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