Sharabi Shayari | 100+ Sharabi Shayari Hindi Me With Image

Sharabi Shayari – दोस्तों अगर आप शराबी हो और आपको सभी शराबी – शराबी कहकर बुलाते है तो आज हम आपको इस शब्द का तोड़ बताने जा रहे क्योंकि शराब पीना कोई गुनाह नहीं बस यह गुनाह उनको लगता जिसने इसको कभी पिया नहीं तो आज आप हमारे साथ शराब के दो – चार पैग लगा के पढिए इन सभी Sharabi Shayari को जो आपको तो पसंद आएगा साथ मे यह उन लोगों का का भी मुह बंद करेगा जो आपको हमेशा शराबी बुलाते है।

तो सुनिए शराब को साउख के लिए नहीं पिता बस सब पीते है आपने गम को कम करने के लिए क्योंकि शराब एक ऐसा अमृत है जो आपके शरीर मे उतारने के बाद आपका सर दर्द कम कर देता और आपको फिर चैन की जिंदगी देता इस लिए काभी भी किसी शराब पीने वालों को शराबी मत बुलाओ और अगर बिलाना ही हो तो आपके नीचे दी गई Sharabi Shayari को पढिए और फिर समझिए की शराबी शराब क्यों पीते है।

इस लिए आइए अब हम आपको यह कुछ स्पेशल Sharabi Shayari पढ़ाने जा रहे जो आपको शराबी के टैग लाने से बचाएगी आप बस इन सभी Sharabi Hindi Shayari को पहले पढे फिर आप इन सभी Sharabi Shayari को अपने उन सभी प्यारे लोगों को भेजे जो आपको शराबी बुलाते है।

 

Sharabi Shayari Hindi Me

इस लिए आइए सुरू करे पढ़ना इन सभी Sharabi Shayari Hindi Me को और फिर इन सभी Sharabi Shayari को अपने दोस्तों मे शेयर किया जाए ताकि वह भी इस शराबी टैग से बचे।

 

ख़ौफ़ डूबने का न डर है तूफान का,
इंतजार कश्ती को है भंवर के पैगाम का,
आसू पीकर मुस्कुराना पड़ता है,
वक्त आता है जब सब्र के इम्तहान का.,

 

आंखों से कह रहा हूँ समझ जाना,
जुबां से कहूँगा तो बन जायेगा अफसाना,
इस तरह सबके सामने देखा न करो,
उंगलियां उठाने लगेगा बेदर्द जमाना.,

 

जो आज खत में रख कर भेजा है सुबह,
उस गुलाव का तुम जुल्फो में सजाना,
तेरी चाहत के जुनून का अंजाम है यह,
कि बन गया गुप्ता दुनिया से बेगाना.,

 

वह कदम कदम पर गम देते गये मुझे,
दिले नादान इसे दिल्लगी समझ बैठा,
जिसकी पूजा में जीवन गुजार दिया मैंने,
पत्थर का बुत था मैं उसे देवी समझ बैठा.,

 

उसके गम ने एक पल साथ न छोड़ा,
दर्दे जुदाई तो दिलो जिगर में रहा,
नाम वफ़ा का न मिटने दिया जिसने,
वह ‘ गुप्ता ‘ जब तक शहर में रहा.,

 

Sharabi Shayari

 

चांदनी के इंतजार में कब तक रहेंगे,
घर आंगन में चिराग जलाने की बात करेंगे,
वैसे तो हर बात मुनस्सर है वक़्त पर,
दिल ही रखने को हम निभाने की बात करें.,

 

फूंक दिया जिसने हसरतों का चमन,
कलियों को नसीब न हो पाया कफन,
कहां ले जाता नाकाम आरजुओं को मैं,
ख्वाबों के साथ कर दिया उन्हें भी दफन.,

 

क्यों अब गुजरे जमाने की बात करें,
किस लिए दिल को दुखाने की बात करेंगे.,

 

मयखाने से बढ़कर कोई जमीन नहीं,

जहां सिर्फ कदम लड़खड़ाते है जमीर नहीं.,

 

एक पल में ले गई मेरे सारे ग़म खरीद कर,

कितनी अमीर होती है ये बोतल शराब की.,

 

Rishte Shayari

 

असर न पूछिए साकी की मस्त आँखों का,

ये देखिये कि कोई होशमंद बाकी है.,

 

मेरी तबाही का इल्जाम अब शराब पर है,

करता भी क्या और तुम पर जो आ रही थी बात.,

 

खरीदा जा नहीं सकता है साक़ी ज़र्फ़ रिंदों का,

बहुत शीशे पिघलते हैं तो एक पैमाना बनता है.,

 

उन्हीं के हिस्से में आती है ये प्यास अक्सर,

जो दूसरों को पिलाकर शराब पीते हैं.,

 

हर जाम पी गया मैं ऐ दर्दे-जिंदगानी,

फिर भी बड़ा तरसा हूं कुछ और शराब दे दो.,

 

Sharabi Shayari

 

हम तो बदनाम हुए कुछ इस कदर दोस्तों,

की पानी भी पियें तो लोग शराब कहते हैं.,

 

मैं तोड़ लेता अगर वो गुलाब होती,

मैं जवाब बनता अगर वो सवाल होती,

सब जानते हैं मैं नशा नहीं करता,

फिर भी पी लेता अगर वो शराब होती.,

 

तुम क्या जानो शराब कैसे पिलाई जाती है,

खोलने से पहले बोतल हिलाई जाती है,

फिर आवाज़ लगायी जाती है,

आ जाओ दर्दे दिलवालों,

यहाँ दर्द-ऐ-दिल की दावा पिलाई जाती है.,

 

मैं तोड़ लेता अगर वो गुलाब होती,

मैं जवाब बनता अगर वो सवाल होती,

सब जानते हैं मैं नशा नहीं करता,

फिर भी पी लेता अगर वो शराब होती.,

 

यह शायरी लिखना उनका काम नहीं,

जिनके दिल आँखों में बसा करते हैं,

शायरी तो वो शख्श लिखता है,

जो शराब से नहीं कलम से नशा करता है.,

 

Mast Shayari 

 

रात गुम सी  है मगर चैन खामोश नही,

कैसे कह दूँ  आज फिर होश नही,

ऐसा डूबा तेरी आँखों की गहराई में ,

हाथ में जाम है मगर पीने का होश नही.,

 

आज अंगूर की बेटी से मोहब्बत कर ले,

शेख साहब की नसीहत से बगावत कर ले,

इसकी बेटी ने उठा रखी है सर पर दुनिया,

ये तो अच्छा हुआ अंगूर को बेटा न हुआ.,

 

कुछ सही तो कुछ खराब कहते हैं,

लोग हमें बिगड़ा हुआ नवाब कहते हैं,

हम तो बदनाम हुए कुछ इस कदर,

कि पानी भी पियें तो लोग शराब कहते हैं.,

 

बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये,

कि वो आज नजरों से अपनी पिलायें,

मजा तो तब है पीने का यारो,

इधर हम पियें और नशा उनको आये.,

 

महफ़िल – ऐ -इश्क सजाओ तो कोई बात बने,

दौलत-ऐ -इश्क लुटाओ तो कोई बात बने,

जाम हाथों से नहीं है पीना मुझको कभी,

आँखों से पिलाओ तो कोई बात बने.,

 

Sharabi Shayari

 

बहुत आसान है राहे मेरी,
घर से मयखाने की,
कोई बंदिश भी नहीं है,
मुझ पर इस जमाने की.,

 

महबूब के आगे तो चांद मैं भी,
दोष नजर आते हैं,
जाम पीने के बाद तो तूफ़ान,
भी खामोश नजर आते हैं.,

 

जुल्फों से उनकी पिते,
खूब निचोड़ कर,
काश आसमान से शराब,
की बरसात हुआ करती.,

 

हावी है मयखाने का नशा,
कुछ इस कदर,
आजकल पानी भी हमको,
लाल नजर आने लगा है.,

 

खत्म सब हो गई बोतल,
मयखानों की क्युं,
बिना मय रात का ‌‌‌‌ढलना,
अब पसंद नहीं है क्युं.,

 

Sharabi Shayari in Hindi

अब आइए आपको हम यह Sharabi Shayari in Hindi की कुछ अच्छी शायरी पढ़ाने जा रहे जो की आपको बहुत ज्यादा पसंद आएगी और आप फिर इन Sharabi Sad Shayari को उन लोगों को भेज सकोगे जो आपको शराबी बोलते है।

 

रात और दिन में कुछ फ़र्क है नहीं जहां,
मयक़दा तो वो जहां हर समय हो जश्न का.,

 

जो नहीं चुके कभी वो शराब और है,
जो तृप्त रुह को करे वो शराब और है.,

 

ये क़ायनात कुछ नहीं दौर है शराब का,
वहीं है एक साक़िया सभी को जो पिला रहा.,

 

अब के सावन में सब का हिसाब कर दूगा,
जिसका जो भी बाकी है वो भी हिसाब कर दूगा,
और मुझे इस गिलास में कैद ही रख वरना,
पुरे शहर का पानी शराब कर दूगा.,

 

पानी में विस्की मिलाओ तो नशा चढ़ता हैं,
पानी_में रम मिलाओ तो नशा चढ़ता हैं,
पानी में ब्रेडी मिलाओ तो नशा चढ़ता हैं,
साला पानी में ही कुछ गड़बड़ हैं.,

 

Sharabi Shayari

 

पिते थे हम शराब उसने छुड़ाई कसम देकर,
महफिल में गए थे हम यारो ने पिलाई उसकी कसम देकर.,

 

महकता हुआ जिस्म तेरी गुलाब जैसा हैं,
नीद में सफर में तू ख्वाब जैसा हैं,
दो घुट पि ले तो आँखों कि मस्तियाँ,
नशा तेरी आँखों का शराब के जाम जैसा हैं.,

 

इतनी पिता हूँ कि मदहोश रहता हूँ,
सबकुछ समझता हूँ पर खामोश रहता हूँ,
जो लोग करते हैं मुझे गिराने कि कोशिश,
मैं अक्सर उन्हीं के साथ रहता हूँ.,

 

हर किसी बात का जवाब नहीं होता,
हर जाम इश्क़ मे खराब नहीं होता,
यू तो झूम लेते हैं नशे में रहने वाले,
मगर हर नशे का नाम शराब नहीं होता.,

 

शाम थी वो कातिल उसकी याद ले आई,
थे हम तनहा हमे मैखाने ले आई.,
साकी ने तो और भी जुल्फ ढ़ाया हम पर,
की छलक गया पैमाना ऐसी आँखों से पिलाई.,

 

Afsos Shayari

 

शराबी इलज़ाम शराब को देता हैं,
आशिक़ इलजाम शबाब को देता हैं,
कोई नहीं करता कुबुल अपनी भूल,
कांटा भी इलजाम गुलाब को देता हैं.,

 

नशा जरुरी है ज़िन्दगी के लिए,
पर सिर्फ शराब ही नहीं बेखुदी के लिए,
किसी के आँखों में डूब जा सको,
बड़ा हसी समुंदर हैं खुद खुशी के लिए.,

 

ज़िन्दगी हैं जिने के लिए तो जिया क्यों नहीं जाए,
उसकी बेवफ़ाई ने दिया मौका तो पिया क्यों ना जाए.,

 

पिना चाहते थे हम सिर्फ एक जाम,
मगर पिते पिते शाम से सवेरा हो गई,
बहके बहके कदम धीरे धीरे चले,
इसलिए आने मे जरा सी देर हो गई.,

 

कुछ नशा आपकी बात का हैं,
कुछ नशा धीमी बरसात का हैं,
हमे आप यू ही शराबी मत कहिये,
ये दिल पर आपसे पहली मुआकात का है.,

 

Sharabi Shayari

 

मेरी कब्र पे गुलाब लेके मत आना,
ना ही हाथो मे चिराग लेके आना,
प्यासा हु मैं बरसो से जानम,
बोतल शराब कि और एक गिलास लेके आना.,

 

एक शराबी दारु पी पी कर मर गया,
लेकिन उसकी दारु के प्रति श्रद्धा तो देखो,
वो मर के भी यह कह गया शराब तो ठीक थी,
पर मेरा लिवर ही कमजोर निकला.,

 

लाल शाराबी होंठ किसके लिए बने है,
इन्ही के इंतजार में हम कबसे खड़े हैं,
ज़रा हमे भी तो इन्हे छूने दीजिए,
होंठों का जाम एक बार तो पीने जीजिए.,

 

इतनी पीता हूँ कि मदहोश रहता हूँ,
सब कुछ समझता हूँ पर खामोश रहता हूँ,
जो लोग करते हैं मुझे गिराने की कोशिश,
मैं अक्सर उन्ही के साथ रहता हू.,

 

रात चुप है मगर चाँद खामोश़ नहीं,
कैसे कहूं आज फिर होश हीं,
इस तरह डूबा तेरी मोहब्बत की गहराई में,
हाथ में जाम है और पीने का होश नहीं.,

 

अब के सावन में सबका हिसाब कर दूंगा,
जिसका जो वाकी है वो भी हिसाब कर दूंगा,
और मुझे इस गिलास में ही कैद रख वरना,
पूरे शहर का पानी शराब कर दूंगा.,

 

हर बात का कोई जवाब नहीं होता,
हर इश्क का नाम खराब नहीं होता,
यूं तो झूम लेते हैं नशे में पीने वाले,
मगर हर नशा का नाम शराब तो नहीं होता.,

 

हम लाख अच्छे सही लोग ख़राब कहते है,
बिगड़ा हुआ वो हमको नवाब कहते है,
हम तो ऐसे ही बदनाम हो गए है,
की पानी भी पीये तो लोग शराब कहते है.,

 

मैं तोड़ लेता अगर वो गुलाब होती,

मैं जवाब बनता अगर वो सवाल होती,

सब जानते हैं मैं नशा नहीं करता,

फिर भी पी लेता अगर वो शराब होती.,

 

बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये,
के वो आज नजरों से अपनी पिलाये,
मजा तो तब ही आये पीने का यारो,
शराब हम पियें और नशा उनको हो जाए.,

 

Sharabi Shayari

 

मैं तोड़ लेता अगर वो गुलाब होती!

मैं जवाब बनता अगर वो सवाल होती,

सब जानते हैं मैं नशा नहीं करता,

फिर भी पी लेता अगर वो शराब होती.,

 

यह शायरी लिखना उनका काम नहीं,

जिनके दिल आँखों में बसा करते हैं,

शायरी तो वो शख्श लिखता है,

जो शराब से नहीं कलम से नशा करता है.,

 

बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये,

कि वो आज नजरों से अपनी पिलायें,

मजा तो तब है पीने का यारो,

इधर हम पियें और नशा उनको आये.,

 

ना करो सवाल तुम इस बोतल से साहब,

ये तो सब के गम को दूर करती है,

सभी पीते हैं इसको शौक से यहां पर,

ये कहां किसी को मजबूर करती है.,

 

तुम्हारे आँखों की तौहीन है ज़रा सोचो,
तुम्हारा चाहने वाला शराब पीता है.,

 

Sharabi Shayari in Hindi Language

अब आइए इसी के साथ हम आपको यह कुछ और भी अच्छी Sharabi Shayari in Hindi Language मे पढ़ाने जा रहे जो आपको और भी आधी पसंद आएगी साथ मे आप इन Hindi Sharabi Shayari को पढे और दोस्तों मे शेयर करे और उनको भी इस शराबी के टैग से बचाए।

 

पहले तुझ से प्यार करते थे,
अब शराब से प्यार करते हैं.,

 

तेरी आँखों के ये जो प्याले हैं,
मेरी अंधेरी रातों के उजाले हैं,
पीटा हूँ जाम पर जाम तेरे नाम का,
हम तो शराबी बे-शराब वाले हैं.,

 

हमने जब कहा नशा शराब का लाजवाब है,

तो उसने अपने होठों से सारे वहम तोड़ दिए.,

 

मिलावट है तेरे इश्क़ में,

इत्र और शराब की,

कभी हम महक जाते है,

कभी हम बहक जाते है.,

 

बहुत अमीर होती है,

ये शराब की बोतल,

पैसा चाहे जो भी लग जाये,

सारे गम खरीद लेती है.,

 

 

Sharabi Shayari

 

शराबी बनकर खुश हो लेता हूँ,
हर जाम से दर्द भर लेता हूँ,
एक बेवफा का नशा तो मुझे हर पल रहता है,
इस शराब से थोड़ा होश संभाल लेता हूँ,
कहो सनम से मुझे और पीने दे,
यारों थोड़ा अपने लिए भी जी लेता हूँ.,

 

पीके रात को हम उनको भुलाने लगे,
शराब में गम को मिलाने लगे,
दारू भी बेवफा निकली यारों,
नशे में तो वो और भी याद आने लगे.,

 

जाम पे जाम पिने से क्या फायदा,
शाम को पी सुबह उतर जाएगी,
अरे दो बूँद मेरे प्यार की पी ले,
ज़िन्दगी सारी नशे में ही गुजर जाएगी.,

 

दूसरों के लिए ख़राब ही सही,
हमारे लिए तो ज़िन्दगी बन जाती है,
सौ ग़मों को निचोड़ने के बाद ही,
एक कतरा शाराब बन जाती है.,

 

यादों से सलाम लेता हूँ,
वक्त के हाथ थाम लेता हूँ,
ज़िन्दगी थम जाती है पल भर के लिए,
जब हाथों में शराब-ए-जाम लेता हूँ.,

 

रात चुप है मगर चाँद खामोश नहीं,
कैसे कहूँ आज फिर होश नहीं,
इस तरह डूबा हूँ तेरी मोहब्बत की गहराई में,
हाथ में जाम है और पीने का होश नहीं.,

 

दिल के दर्द से बड़ा कोई दर्द नहीं होता,
आशिकों का शराब के सिवा कोई हमदर्द नहीं होता,
जब दिल टूटता है तो आँसू उनके भी निकलते हैं,
जो कहते हैं कि “मर्द को दर्द नहीं होता.,

 

तुम क्या जानो शराब कैसे पिलाई जाती है,
खोलने से पहले बोतल हिलाई जाती है,
फिर आवाज़ लगायी जाती है,
आ जाओ दर्दे दिलवालों,
यहाँ दर्द-ऐ-दिल की दावा पिलाई जाती है.,

 

के आज तो शराब ने भी अपना रंग दिखा दिया,
दो दुश्मनो को गले से लगवा, दोस्त बनवा दिया.,

 

मैं तोड़ लेता अगर वो गुलाब होती,
मैं जवाब बनता अगर वो सवाल होती,
सब जानते हैं मैं नशा नहीं करता,
फिर भी पी लेता अगर वो शराब होती.,

 

 

ये तो देखा कि मिरे हाथ में पैमाना है,
ये न देखा कि ग़म-ए-इश्क़ को समझाना है.,

 

कुछ सही तो कुछ खराब कहते हैं,
लोग हमें बिगड़ा हुआ नवाब कहते हैं,
हम तो बदनाम हुए कुछ इस कदर,
कि पानी भी पियें तो लोग शराब कहते हैं.,

 

फिर ना पीने की कसम खा लूँगा,
साथ जीने की कसम खा लूँगा,
एक बार अपनी आँखों से पिला दे साकी,
शराफत से जीने की कसम खा लूँगा.,

 

बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये,
कि वो आज नजरों से अपनी पिलायें,
मजा तो तब है पीने का यारो,
इधर हम पियें और नशा उनको आये.,

 

महफ़िल – ऐ -इश्क सजाओ तो कोई बात बने,
दौलत-ऐ -इश्क लुटाओ तो कोई बात बने,
जाम हाथों से नहीं है पीना मुझको कभी,
आँखों से पिलाओ तो कोई बात बने.,

 

रात चुप है मगर चाँद खामोश नहीं,
कैसे कहूँ आज की फिर होश नही,
इस तरह डूबा हूँ तेरी मोहब्बत की गहराई में,
हाथ में जाम है और पिने का होश नहीं.,

 

है ये शराब दर्द की दवा मेरे,
इसे पीने में कोई खराबी नहीं,
होता है जब दिल में दर्द तो पी लेता हूँ,
वैसे हूँ मैं शराबी नहीं.,

 

दुःख इस तरह मिला कि घबराकर पी गए हम,
ख़ुशी अगर थोड़ी मिली तो उसे भी मिलाकर पी गए हम,
यूं तो ना थी जनम से पीने की आदत हमें,
देखा जब शराब तो अकेला तो तरस खाकर पी गए हम.,

 

दर्द की इस महफ़िल में एक शेर मैं भी अर्ज़ करता हूँ,
ना किसीसे दवा और ना दुआओं की उम्मीद करता हूँ,
कई चेहरें लेकर जीते हैं लोग यहाँ इस दुनिया में,
मैं तो इन आंसुओं को एक चेहरें के लिए पीया करता हूँ.,

 

दुःख इतना मिला कि हम घबरा कर पी गए,
ख़ुशी अगर थोड़ी सी भी मिली तो उसे मिलाकर पी गए,
यूं तो ना थी हमें शराब पीने कि आदत,
पर शराब को तनहा देखा तो तरस खाकर पी गए.,

 

 

पी चुके हैं शराब हम हर गली हर दूकान से,
एक रिश्ता सा बन गया है शराब के ज़ाम से,
पाये हैं ज़ख्म हमने इश्क़ में ऐसे,
कि नफ़रत सी हो गयी है हमें इश्क़ के नाम से.,

 

मदहोश हो गए आज फिर तुझे देखकर,
लोगों ने कहा आज फिर पीकर आया.,

 

मैं न था नशा करने वाला,
नहीं कर पाया खुद को काबु में,
आखिर वो भी शराब से कम न थी,
फिर से हुआ बेकाबू में.,

 

शराफत नहीं ज़रा भी मोहब्बत में, जो जानलेवा है,
शराब का क्या क़ुसूर, उसने तो साफ़ लिखा है,
शराब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.,

 

मंदिर मे हिन्दू मिले,
मस्जिद में मुसलमान,
पहुंचा शराब की दुकान में,
वहाँ थे सब इंसान.,

 

हमें गुमशुदा कर दिया तेरे इन ख़्यालों ने,
लोग सवाल करते हैं हमसे अभी भी नशे में है क्या.,

 

मतलब नहीं कि कितना छोटा ग्लास है,,
हमें क्या मतलब समुंदर से,
जब सिर्फ 1 घूंट हमारी प्यास है.,

 

शराब ज़्यादा नहीं बस एक ज़ाम चाहिए,
आज की पूरी शाम बस दोस्तों के नाम चाहिए.,

 

इश्क़ के समुन्दर में आज इस कदर डूब कर आया हूँ ,
ऐ दोस्तों मैं शराब की 4 बोतल खरीद कर लाया हूँ.,

 

मेरी हर एक समस्या का एक ही जबाव हो,
पास में तुम हो या 1 बोतल शराब हो.,

 

महफ़िल में बैठे थे हम धीरे से एक सलाम आया,
मेरा बिछड़ा हुआ एक दोस्त आज जाम लाया.,

 

 

मेरी कबर पे मत गुलाब लेके आना,
न ही हाथों में चिराग लेके आना,
प्यासा हूँ मैं बरसो से जानम,
बोतल शराब की और एक गिलास लेके आना.,

 

पीना चाहते थे हम सिर्फ एक जाम,
मगर पीते पीते शाम से सवेयर हो गयी,
बहके बहके कदम धीरे धीरे चले,
इसलिए आने में ज़ारा सी देर हो गयी.,

 

नशा ज़रूरी है ज़िन्दगी क लिए,
पर सिर्फ शराब ही नहीं बे खुदी क लिए,
किसी की मस्त आँखों में डूब जा सकी,
बड़ा हसीं समुन्दर है खुद कुशी क लिएज़िन्दगी है.,

 

जीने की लिए तो जिया क्यों ना जाए,
उसकी बेवफाई ने दिया मौका तो पिया क्यों ना जाए.,

 

मोहब्बत मुझे थी उनसे इतनी,
उनकी यादों में दिल तड़पता रहा,
मौत भी मेरी चाहत को रोक ना सकी,
कब्र में भी दिल धड़कता रहा.,

 

पिलाने वाले कुछ तो पिला दिया होता,
शराब कम थी तो पानी मिला दिया होता.,

 

लोग कहते हैं पिये बैठा हूँ मैं,
खुद को मदहोश किये बैठा हूँ मैं,
जान बाकी है वो भी ले लीजिये,
दिल तो पहले ही दिये बैठा हूँ मैं.,

 

हम तो जी रहे थे उनका नाम लेकर,
वो गुज़रते थे हमारा सलाम लेकर,
कल वो कह गये भुला दो हुमको,
हमने पुछा कैसे,
वो चले गये हाथो मे जाम देकर.,

 

मंजिल उन्हीं को मिलती है,
जिनके हौसलों में जान होती है,
और बंद भट्ठी में भी दारू उन्हीं को मिलती है,
जिनकी भट्ठी में पहचान होती है.,

 

कहते है शराब शरीर को ख़तम करती,
शराब सोच समझ को ख़तम करती है,
आओ आज इस शराब को ख़तम करते है,
एक वोतल तुम ख़तम करो एक हम ख़तम करते है.,

 

इतनी पीता हूँ कि मदहोश रहता हूँ,
सब कुछ समझता हूँ पर खामोश रहता हूँ,
जो लोग करते हैं मुझे गिराने की कोशिश,
मैं अक्सर उन्ही के साथ रहता हूँ.,

 

नशा हम करते हैं,
इलज़ाम शराब को दिया जाता है,
मगर इल्ज़ाम शराब का नहीं उनका है,
जिनका चेहरा हमें हर जाम में नज़र आता है.,

 

Conclusion

यही सभी Sharabi Shayari आप सभी को काफी पसंद आई होंगी अगर नहीं तो आप हमे कमेन्ट मे बताए हम अपने अगले पोस्ट व  Hindi Shayari मे कुछ अच्छा सुधार करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *